प्रेम में पकना... धीमी आँच पर। प्रेम में पकना... धीमी आँच पर।
ख़्वाब तो आखिर ख़्वाब है, हक़ीक़त से इसको मतलब नहीं। ख़्वाब तो आखिर ख़्वाब है, हक़ीक़त से इसको मतलब नहीं।
भाईचारा जब वतन पर होगा द्वेष तब ना किसी मन पर होगा ! भाईचारा जब वतन पर होगा द्वेष तब ना किसी मन पर होगा !
एक आशिक जिसने अपनी चाहत को खो दिया और इसी उम्मीद पर ज़िन्दा है की शायद वक़्त फिर से उसे उसकी चाहत से म... एक आशिक जिसने अपनी चाहत को खो दिया और इसी उम्मीद पर ज़िन्दा है की शायद वक़्त फिर स...
वापसी पर वापसी पर
अपने चेहरे पर एक झूठा मुखौटा लगाए रहते हैं। अपने चेहरे पर एक झूठा मुखौटा लगाए रहते हैं।